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Summary
आठवें वेतन आयोग के गठन के बाद अब लोग अपनी सैलरी में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं। 'फिटमेंट फैक्टर' के आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी और पेंशन बढ़ाई जाती है। फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गुणक होता है जिसकी मदद से कर्मचारियों की पुरानी बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदला जाता है। फिटमेंट फैक्टर का फॉर्मूला होता है: नई बेसिक सैलरी = पुरानी बेसिक सैलरी * फिटमेंट फैक्टर। अगर फिटमेंट फैक्टर बढ़ता है, तो कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन, इंक्रीमेंट और एरियर भी बढ़ जाते हैं। आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर तय नहीं हुआ है, लेकिन कई रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया जा रहा है कि यह 2.28 से 3.83 के बीच हो सकता है।
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